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चुरा लें तुझे इस जमाने से कभी।

चुरा लें तुझे इस जमाने से कभी।
रख लें तुझे इसी बहाने से कभी ।

ले चलें तुझे कहीं इस दुनिया से बहुत दूर  ।
जहाँ सिर्फ तुम हो और तेरे संग निभाने को मैं ही।

ना हो उस जहाँ में तेरी कोई पहचान ।
और जहाँ मैं भी रहूँ सभी से अनजान ।

मुझसे ही हो पहचान तेरी ।
और तुझसे ही लोग जाने मुझे भी ।

हो छोटा सा कहीं अपना बसेरा ।
जहाँ हर रात के बाद हो तुझसे ही सवेरा ।

समय की परिधि की सीमा खत्म हो जाए।
जहाँ हम एक दूजे संग मिल प्यार के नगमें गुनगुनाएँ।

मुझमें कुछ यूँही समालो तुम स्वयं को ।
तुझमें कुछ यूँही बसालूँ मैं खुद को ।

बस यूँही!!!!
चुरा लें तुझे इस जमाने से कभी।
रख लें तुझे इसी बहाने से कभी ।

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