Email subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

लोग कहते हैं।।

लोग कहते हैं
बिन जान पहचान के
कोई आपसे बात नहीं करता है।।
पर हमारी पहचान कब हुई
कि हम लिखते गए
और आप हमारी बात समझते गए।।
आप हमसे
और हम आपसे
कब जुड़ गए।।
और हमारा कारवाँ
कब निकल पड़ा
अपने मंजिल के तलाश में।।
भावनाओं के तार हमारे
कब जुड़ गए
कि हम
बिन कहे सुने ही
एक दूसरे के दिल को
चुटकियों में समझने लगें।

No comments:

मैं हिन्दू नहीं।

मैं हिन्दू नहीं। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। मैं हिन्दू नहीं ना मैं मुसलमान हूँ। मैं सिख नहीं ना मैं क...