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तेरी गोद में माँ

तेरी गोद में माँ
जब से मैं आया।।
खूब स्नेह और
भरपूर लाड़ प्यार पाया।।
धीरे धीरे लड़खड़ाकर
चलना सीख पाया।।
फिर अपने दोस्तों के संग
दौड़ भी लगाया।।
तेरी सोंधी मिट्टी का स्वाद
भी चख पाया।।
ऐसा एहसास हुआ उसदिन
अमरता का वरदान पाया।।
साईकल,मोटर साईकल
फिर कार भी चलाया।।
जब थक गया तो
तेरी वृक्ष के छाव में ऊंघाया।।
भूख जब लगी हमें
तूने खाना हमें खिलाया।।
प्यास जो लगी तो
तूने पानी से प्यास मिटाया।।
तुमसे ही मेरा वजूद है।।
तुमसे ही मेरी काया।।
चाहे जितने जन्म भी ले लूँ माँ।।
तेरा कर्ज रहेगा बकाया।।
माँ तुझे सत सत नमन।।

भारत माता की जय।।
वन्दे मातरम।।
जय हिंद।।


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