8 Aug 2018

मन तू हार मत।।

मन तू हार मत
           असफलता से डगमगा मत।।
अभी तो तेरी शुरूआत है
            महा जंग अभी बाकी है।।
प्रयास तू जारी रख
             अपनी हार का समालोचना कर।।
खुद को मजबूत कर
              अपनी कमजोर नस में रक्त भर।।
स्वयं को जला अग्नि में
               सूर्य सा प्रखर बन।।
योजना तू बना ऐसा
                लक्ष्य को ध्यान में रख।।
वीर शिवाजी सा तू
                 अपने उद्देश्य पर अडिग बन।।
औरंगजेब पर चढ़ाई कर
                   ले किला अपना वापस।।
मैदान में ऊतर जा तू
                   अपने हौसले को मजबूत रख।।
जीत अपनी कर ले पक्की
                 चाहे जितनी आए आज राह मे रुकावट।।

         

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