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अपनी आजादी.....

कैसे हम भूल गए हैं.  ..
अपनी  आजादी(2)
 स्वदेश की आजादी में छिपी है
अपनी आजादी...... (2)
अपनी जान से प्यारा इस जगत मे
हैं  अपनी आजादी
अपनी आजादी...
अपने  झमेलों में भूले
हैं अपनी  आजादी
अपनी  आजादी... 

वतना मेरे वतना वे।

वतना मेरे वतना वे kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। वतना मेरे वतना वे तेरा इश्क़ मेरे सर चढ़ चढ़कर बोल रहा है। एक जन्...