13 Nov 2019

तेरे हक का है तो छीन लो।

Shayari

तेरे हक का है तो छीन लो।

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अपने हक के लिए
तुम्हें आवाज खुद उठाना होगा।
आएगा नहीं आगे कोई
तुम्हें न्याय दिलाने लिए।

वाचाल तो बहुत मिलेंगे
तुम्हे राह से भटकाने के लिए।
पर हक तो तुम्हारा है
पग आगे बढ़ा
उसे पाने के लिए।

तू जो ठान ले आज
तो क्या मजाल
कि हक तेरा
कोई छीन ले।

भीख मिलती है आज
खैरात में।
तेरे हक का है तो
छीन लो।
Snatch


Written by sushil kumar
Shayari

12 Nov 2019

यादों की बारात।

Shayari

यादों की बारात।


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क्या करें ??
उन यादों के पन्नों को जो
हमने पलटा है ।
दिल फिर से भावभिवोर हो
उनकी स्मृति में भावुक हो चला है।

कुछ तो बात होती है
उन भूले बिसरे यादों में।
जिनके एहसास मात्र से ही
नैनों से अश्रु बह निकल पड़ते हैं।
क्योंकि कुछ लोग
और उनकी यादें
दिल से बहुत ही करीब होते हैं।
बहुत ही करीब।


Written by sushil kumar
Shayari

जितनी बार मैं तेरे करीब आया

Shayari

जितनी बार मैं तेरे करीब आया

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जितनी बार मैं तेरे करीब आया
उतनी बार दिल में
बड़ा सुकून पाया है।

सारे गम,सारे तनाव
पुराने सारे दर्द को भूल
दिल में
एक इत्मिनान सा आया है।

मेरी इर्दगिर्द की फैली सारी दुनिया
एक पल में मानो
तेरे इश्क में सिमट
तुझमे समाया है।


Written by sushil kumar
Shayari

10 Nov 2019

इश्क का सफर इतना आसान नही होता है।

Shayari

इश्क का सफर इतना आसान नही होता है।

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इश्क़ तो बहुत किया मैने
पर सफल कभी ना हो पाया
अपने जीवन में।

जिसे भी पसन्द किया
वो पीछे हटी।
क्योंकि कोई और था
पहले से
उनके जीवन में।


पर मैने कभी भी हिम्मत नहीं हारी थी
अपने हृदय से।
मना करने वालो की सूची बनाना शुरू की
अपने डायरी में।

उनचास तो हो चले थे
मना करने वालों की सूची में।
पर भरोसा नहीं छोड़ा था
आज भी अपने जिगर में।


कोई तो होगा
जिसे मैं पसन्द आऊँगा।
मेरे लिए भी किसी का
दिल ज़रूर धड़केगा।

पर कौन है?
कहाँ है?
और वो कब मुझे मिलेगी?
ईश्वर ने
कहाँ छुपा रखा है??
मेरी होने वाली जोड़ी को।

उसी सोच की दरिया में
डूबता हुआ जा रहा था।
मैसेज का ट्यून ने बजकर
मुझे दरिया से बाहर निकाला था।
व्हाट्सएप्प किसी ने किया था
अपना दिल💓 मुझे उपहार में भेजा था।
कोई फिरकी ले रहा है
मेरा दिमाग ने
सख्ती से चेताया था।

मैने रिप्लाई किए बगैर उसका
अपना कॉल ईश्वर से फिर जोड़ा था।
देख ना भगवान
अब तो कुछ दया कर
लोगो ने अब मजा लेना भी
शुरू कर दिया था।

तभी मोबाइल की फिर से घण्टी बजी
देखा कोई अननोन नंबर था।
उठाया जैसे ही
उसके हेलो की आवाज़ से
दिल मेरा जोर से धड़का था।
इतनी मधुर स्वर सुनकर
मेरे दिल में जबरदस्त तरंगे जागी थी।
क्या यही है?
मेरे मौला।
जिसे तूने
मेरे लिए
इस दुनिया में चुना था।

आगे जो बोला उसने
मेरा दिल चकनाचूर हो चला था।
अपने पोस्टपेड बिल का भुगतान करें जल्द
वरना अगले दो दिनों में
आपका नम्बर बंद कर दिया जाएगा।

क्या भगवन!
तुम भी फिरकी ले रहे हो मेरी।
अब तो किस्मत खोल
बहुत हो गई देरी।
मरूँगा कुँवारे ही क्या?
बनाना भूल गए हो क्या
मेरी जोड़ी।

तभी फिर से मैसेज ट्यून बजी
देखा फिर वही अननोन नम्बर से
आया है व्हाट्स एप्प मैसेज।
पूरा पढ़ा तो पाया मैने
ये पहली वाली प्रेमिका का था नम्बर।
उसने लिखा था कि
मै पसन्द हूँ उसे।
उसके जीवन मे
कभी नहीं था कोई।

मैं धन्य हुआ
ईश्वर की माया देख।
मेरा प्रेम
सफल जो हुआ था।



Written by sushil kumar
Shayari






कुछ गज़ब के शायरी।

Shayari

कुछ गज़ब के शायरी।

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१.
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है।
ज़मीन पर बैठकर क्या आसमान देखता है।

मिला है हुस्न तो,इस हुस्न की हिफाज़त कर।
सम्भल के चल,तुझे सारा जहान देखता है।

कनीज़ हो,या कोई शहज़ादी हो
जो इश्क़ करता है,कब खानदान देखता है।

घटाएँ उठती हैं,बरसात होने लगती है।
जब आंख भर के फलक को किसान देखता है।

यही वो शहर जो मेरे लबों से बोलता था।
यही वो शहर जो मेरा ज़बान देखता है।

मैं जब मकान के बाहर कदम निकालता हूँ।
अजब निगाह से मुझको मकान देखता है।

                    शकील आज़मी द्वारा लिखित।


२.
तुम्हारा मैं हूँ
मेरे तुम हो
अच्छे जुमले हैं।
मगर ये बात बहुत दूर है सदाक़त से
कहीं से तुम हो अधूरे
कहीं से खाली मैं हूँ।
तुम अपने तौर मुझपे इस्तेमाल करते हो।
मैं अपने तौर तुमपे इस्तेमाल करता हूँ।
ऐ जिंदगी है यहाँ घात में बार कोई
सब अपनी अपनी जरूरत में छुप के बैठे हैं
कहीं नहीं है मोहब्बत
फरेब है यहाँ सबकुछ।
मगर ये झूठी मोहब्बब बहुत ज़रूरी है।
हवा में जैसे हरारत बहुत ज़रूरी है।
शकील आज़मी द्वारा लिखित



मेरे इश्क को सारा जहान देख रहा है।

Shayari

मेरे इश्क को सारा जहान देख रहा है।

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मेरे इश्क को सारा ज़माना देख रहा है।
सुबह से शाम 
मेरा पैमाना देख रहा है।

मैं वो नहीं
जो हर स्त्री में अपना स्वार्थ देख रहा है।
मैं वो हूँ
जो अपनी प्रेमिका को छोड़
सभी में 
अपनी माँ देख रहा है।

कहते हैं लोग
कि वो धोखा कहाँ दे रहे हैं
अपने महबूब को।
वो तो 
ज़रूरतों को तृप्ति में लगे हैं
किसी अन्य के संग।

पर अगर
यही लब्ज कहीं सुन जो लिया
अपनी जीवनसंगिनी से।
संस्कार का ज्ञान भूल
अपशब्दों की बारिश कर बैठते हैं
अपने सहधर्मिणी पर।

ये कैसा दोगला चरित्र 
धारण कर रखा है
हर पुरुष ने।
अपनी सुविधाओं के अनुसार
रंग बदलता जा रहा है
वो गिरगिट सम।

समय आ गया है
कि हर नर
बदलाव लेकर आए 
अपने प्रवृत्ति में।
वरना कहीं
हो ना जाए भस्म
अपने इस दोगलेपन में।

Written by sushil kumar

Shayari

9 Nov 2019

माँ बाप का साथ अनमोल है।

Shayari

माँ बाप ईश्वर के द्वारा दिया गया सबसे बड़ा तोहफा है।उनका सम्मान होना ही चाहिए।आज हम जो भी हैं,उनके संस्कार के कारण ही हैं।जो माँ बाप का सम्मान करता है,उसके साथ ईश्वर भी खड़ा रहता है।

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Parents are valuable


मैं बदला
तुम बदले
बदला सब जग यहाँ पर।

नहीं बदला कोई
अगर यहाँ पर
वो माता पिता कहलाएँ।

कल जो बच्चा
बच्चा था
माँ बाप के नज़र में।
उम्र गुज़र जाने के
बाद भी
नहीं बदला है वो नज़रिया।

आज भी माँ
ठीक वैसे ही
मुझे डांट डपट करती है।
जब खाना छोड़ मैं
भागने के फिराक में रहता हूँ आफिस को
देर हो जाने की वजह से।
फर्क यही है कि
उस वक़्त स्कूल
मैं जाया करता था।
पर आज आफिस की भागम भाग में भी
माँ का आशीर्वाद सदा साथ में रहता है।

वो जब बचपन में
सर भारी भारी
हो जाया करता था
स्कूल में।
घर पहुँचने के बाद
माँ के तेल के चम्पी से
सर से भार
छू मंतर हो जाया करता था
एक क्षण में।
आज भी आफिस से जब
थक हार कर
घर को वापस जब आता हूँ।
माँ के हाथों के जादू का प्रभाव
आज भी ठीक वैसे ही है
पाता हूँ।

पापा के तो बात ही निराले हैं
वो अनुशासन और स्वास्थ्य के दीवाने हैं।
आज भी सुबह सुबह
जॉगिंग करने को
मुझे सूर्योदय से पहले
फ़ोन कर उठाते हैं।
और जो कभी नहीं उठ पाया समय पर
मुझे ज्ञान की पाठ पढ़ाते हैं।
वो कल बचपन में
कुछ ज्यादा ही कड़क थे।
आज कुछ नरमी बरतते हैं।
आफिस से लेट आने पर वो
स्वयं दौड़ लगा घर आ जाते हैं।

बचपन में जब पापा आफिस से
घर लौट आते थे।
समोसे और रसगुल्ले की पैकेट
थैली में भर लाते थे।
आज भी जब वो शाम में
सब्जी लेकर घर आते हैं।
समोसे और रसगुल्ले की थैली
सदा साथ में लाते हैं।
Parents are valuable

हर माँ बाप का सम्मान हो
ईश्वर से पहले उनका गुणगान हो।
माँ और पिता
एक अनमोल उपहार हैं
ईश्वर के।
जिनके छत्रछाया के बिना
नहीं बन सकते हैं
हम विश्व विजेता।


Written by sushil kumar
Shayari

तेरे हक का है तो छीन लो।

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